CM योगी ने हाईलेवल मीटिंग में की 3 विषयों की समीक्षा, लखनऊ बनेगा “AI सिटी”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े 3 महत्वपूर्ण विषयों, उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर (UPDCC), प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मंडी शुल्क और मंडी सेस में संभावित छूट जैसे महत्वपूर्ण विषयों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के AI मिशन की बुनियादी संरचना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि डाटा सेंटर क्लस्टर केवल NCR क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी इससे जोड़ा जाए। 

लखनऊ बनेगी “AI सिटी”

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि इसकी शुरुआत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से की जा सकती है, जहां बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि टाटा समूह सहित बड़ी टेक कंपनियों से संवाद स्थापित कर लखनऊ को “AI सिटी” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके साथ ही सीएम योगी ने अल नीनो के संभावित असर का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी सालों में फसलों पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए राज्य को खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए। 

5 गीगावॉट AI कंप्यूट कॉरिडोर 

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर प्रदेश को भारत और ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा AI कंप्यूट पावर सेंटर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति है। इसका उद्देश्य प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाना है। प्रस्तुतीकरण में कहा गया कि यह केवल एक परियोजना नहीं बल्कि अगले 50 सालों के लिए उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक संरचना का खाका है। इसके तहत साल 2040 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था, 1.5 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार और 5 गीगावॉट एआई कंप्यूट कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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