
झारखंड में 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज नजर आईं। मुख्यमंत्री सारथी योजना को लेकर भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच बयानबाजी सामने आई है। इस बहस के केंद्र में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा है।
सारथी योजना को लेकर भाजपा ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री सारथी योजना झारखंड सरकार की उन पहलों में शामिल है, जिनका उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। 23 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा ने योजना के क्रियान्वयन और युवाओं को मिलने वाले लाभों पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
विपक्ष का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। योजना के तहत प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।
झामुमो ने केंद्र सरकार को घेरा
भाजपा के सवालों के जवाब में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के रोजगार संबंधी वादों पर सवाल उठाए। इससे राज्य में रोजगार का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
हालांकि, योजना के तहत कितने युवाओं को रोजगार मिला और कितने युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, इस संबंध में ताजा आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है।
CM हेमंत सोरेन की वापसी पर भी नजर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रांची वापसी और लंबित प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। उनकी वापसी के बाद अधिकारियों के तबादलों, पदस्थापन और अन्य सरकारी मामलों पर निर्णय होने की संभावना जताई गई थी।
फिलहाल, राज्य की राजनीति में युवाओं का रोजगार, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और प्रशासनिक फैसले अहम मुद्दे बने हुए हैं। इन मामलों में सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।



