CM Dhami Tribute Pandit Badri Datt: स्वंतत्रता संग्राम सेनानी पंडित बद्री दत्त पांडे की जयंती आज, सीएम धामी ने किया नमन…

CM Dhami Tribute Pandit Badri Datt: स्वंतत्रता संग्राम सेनानी कुमाऊं केसरी पंडित बद्री दत्त पांडे को उनकी जयंती आज है। सीएम धामी ने पंडित बद्री पांडे को याद करते हुए एक्स पर पोस्ट कर उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी और कुली बेगार आंदोलन के सूत्रधार बताया साथ ही उन्हें नमन किया।

सीएम धामी ने ट्वीटकर किया नमन

सीएम धामी नमन करते हुए लिखा कि-
”महान स्वतंत्रता सेनानी, कुली बेगार आंदोलन के सूत्रधार “कुमाऊं केसरी” बद्रीदत्त पांडे जी की जयंती पर कोटिशः नमन।

आपका संघर्षशील जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”

महान स्वतंत्रता सेनानी, कुली बेगार आंदोलन के सूत्रधार “कुमाऊं केसरी” बद्रीदत्त पांडे जी की जयंती पर कोटिशः नमन।

आपका संघर्षशील जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। pic.twitter.com/CTyWP9xxge

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 15, 2025

कौन थे पं. बद्री दत्त पांडे

देश को आजादी दिलाने में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. बद्री दत्त पांडे का अहम योगदान रहा है। पत्रकारिता से जन आंदोलन शुरू करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने अल्मोड़ा में रहकर देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनका जन्म हरिद्वार में प्रसिद्ध वैद्य स्व. विनायक पांडे के घर में 15 फरवरी 1882 को हुआ था। सात वर्ष की आयु में उनके माता और पिता दोनों का निधन हो गया। देहरादून में उनकी सरकारी नौकरी लग गई थी। लेकिन कुछ समय बाद ही उन्होंने इस्तीफा देकर पत्रकारिता में आ गए। 1903 से 1910 तक देहरादून में लीटर नाम के एक अखबार में काम किया। 1913 में उन्होंने अल्मोड़ा अखबार की स्थापना की। अखबार के जरिए उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने का कार्य किया।

पं. बद्री दत्त पांडे जेल में रहें..

पं. बद्री दत्त पांडे 1921 में एक साल 1930 में 18 माह 1932 में एक साल 1941 में तीन माह जेल में रहे। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी उन्हें जेल भेजा गया। आजादी के बाद भी अल्मोड़ा में रहकर वह सामाजिक कार्यों में सक्रियता से हिस्सा लेते रहे। सितंबर 1957 में वह अल्मोड़ा सीट से सांसद बने। 1962 के चीन युद्ध के समय अपने सारे मेडल, पुरस्कार आदि सरकार को भेंट कर दिए।

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