बैलेट पेपर से हो रहा चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने की जिम्मेदारी जनता-जनार्दन की: CM योगी आदित्यनाथ

लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी हुई और शिक्षकों के सम्मान को नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया है। यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगामी लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के मद्देनजर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भाजपा के स्नातक प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और शिक्षक प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में मतदान की अपील की।

सपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान समाजवादी पार्टी की राजनीति का हिस्सा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान शिक्षण संस्थानों में असामाजिक तत्वों का प्रभाव था और शिक्षकों के हितों की पर्याप्त रक्षा नहीं की गई। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी प्रदेश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं को मिलने वाले अवसरों पर निर्भर करता है। ऐसे में स्कूलों की सुविधाओं में सुधार, शिक्षकों का सम्मान और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल देना जरूरी है। उन्होंने सपा पर परिवारवाद और वंशवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मतदाताओं से योग्य और सक्षम प्रतिनिधि चुनने की अपील की।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ बनाम ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सपा को घेरा। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया दिया, हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज दिया।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ प्रदेश में विकास और निवेश को बढ़ावा दिया है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों का भी जिक्र किया।

शिक्षकों को कैशलेस इलाज और स्कूलों में बेहतर सुविधाएं

योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में आर्थिक सहायता के लिए बीमा प्रावधानों का भी जिक्र किया। शिक्षा के क्षेत्र में ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत अभियान के तहत स्कूलों में पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर कक्ष जैसी सुविधाओं के विस्तार की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा की ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गई है।

9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने एक लाख और युवाओं को नियुक्ति देने की तैयारी का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर चयन सरकार की प्राथमिकता है। अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा और परिवारों को आर्थिक सहायता देने संबंधी प्रावधानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विभिन्न वर्गों की सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान दे रही है। सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक एवं स्नातक मतदाता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव में अपने मत का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और ऐसे प्रतिनिधियों को चुनें जो उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।

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